आज केवल मातृ पितृ पूजन दिवस मनाए !

भारतीय संस्कृति को अपनाएँ, पाश्चात्य संस्कृति की अंधी नकल छोडें और माता-पिता के निस्वार्थ प्रेम के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करें।

कप्तचा : BJ